9 देवियों के 9 दिन की पूजा के 9 बीज मंत्र

Navaratri is a festival dedicated to the worship of the Hindu deity Durga. The word Navaratri means ‘nine nights’ in Sanskrit, nava meaning nine and ratri meaning nights. During these nine nights and ten days, nine forms of Devi are worshipped. Wikipedia

नवरात्रि में रोज पढ़ें नवदुर्गा के 108 नाम,पाएं सुख का आशीर्वाद

Navratri is known for its ancient, traditional and modern garba and dandiya in Gujarat hugely participated by young generation.

नवरात्रि में भक्त हर प्रकार की पूजा और विधान से मां दुर्गा को प्रसन्न करने के जतन करते हैं। लेकिन अगर आप व्यस्तताओं के चलते विधिवत आराधना ना कर सकें तो मात्र 108 नाम के जाप करें। इससे माता प्रसन्न होकर सुख, समृद्धि और सफलता का आशीर्वाद देती है।

 

  1. सती,Navaratri
  2. साध्वी,
  3. भवप्रीता,
  4. भवानी,
  5. भवमोचनी,
  6. आर्या,
  7. दुर्गा,
  8. जया,
  9. आद्या,
  10. त्रिनेत्रा,
  11. शूलधारिणी,
  12. पिनाकधारिणी,
  13. चित्रा,
  14. चंद्रघंटा,
  15. महातपा,
  16. मन,
  17. बुद्धि,
  18. अहंकारा,
  19. चित्तरूपा,
  20. चिता,
  21. चिति,
  22. सर्वमंत्रमयी,
  23. सत्ता,
  24. सत्यानंदस्वरुपिणी,
  25. अनंता,
  26. भाविनी,
  27. भव्या,
  28. अभव्या,
  29. सदागति,
  30. शाम्भवी,
  31. देवमाता,
  32. चिंता,
  33. रत्नप्रिया,
  34. सर्वविद्या,
  35. दक्षकन्या,
  36. दक्षयज्ञविनाशिनी,
  37. अपर्णा,
  38. अनेकवर्णा,
  39. पाटला,
  40. पाटलावती,
  41. पट्टाम्बरपरिधाना,
  42. कलमंजरीरंजिनी,
  43. अमेयविक्रमा,
  44. क्रूरा,
  45. सुंदरी,
  46. सुरसुंदरी,
  47. वनदुर्गा,
  48. मातंगी,
  49. मतंगमुनिपूजिता,
  50. ब्राह्मी,
  51. माहेश्वरी,
  52. ऐंद्री,Navaratri
  53. कौमारी,
  54. वैष्णवी,
  55. चामुंडा,
  56. वाराही,
  57. लक्ष्मी,
  58. पुरुषाकृति,
  59. विमला,
  60. उत्कर्षिनी,
  61. ज्ञाना,
  62. क्रिया,
  63. नित्या,
  64. बुद्धिदा,
  65. बहुला,
  66. बहुलप्रिया,
  67. सर्ववाहनवाहना,
  68. निशुंभशुंभहननी,
  69. महिषासुरमर्दिनी,
  70. मधुकैटभहंत्री,
  71. चंडमुंडविनाशिनी,
  72. सर्वसुरविनाशा,
  73. सर्वदानवघातिनी,
  74. सर्वशास्त्रमयी,
  75. सत्या,
  76. सर्वास्त्रधारिणी,
  77. अनेकशस्त्रहस्ता,
  78. अनेकास्त्रधारिणी,
  79. कुमारी,
  80. एककन्या,
  81. कैशोरी,
  82. युवती,
  83. यति,
  84. अप्रौढ़ा,
  85. प्रौढ़ा,
  86. वृद्धमाता,
  87. बलप्रदा,
  88. महोदरी,
  89. मुक्तकेशी,
  90. घोररूपा,
  91. महाबला,
  92. अग्निज्वाला,
  93. रौद्रमुखी,
  94. कालरात्रि,
  95. तपस्विनी,
  96. नारायणी,
  97. भद्रकाली,
  98. विष्णुमाया,
  99. जलोदरी,
  100. शिवदुती,
  101. कराली,
  102. अनंता,
  103. परमेश्वरी,
  104. कात्यायनी,
  105. सावित्री,
  106. प्रत्यक्षा,
  107. ब्रह्मावादिनी।

Navaratri

इस नवरात्रि में किस लग्न में करें कलश स्थापना, जानिए…

By श्री रामानुज|

प्राचीन शास्त्रों के अनुसार नवरात्रि पूजन का आरंभ घटस्थापना या कलश स्थापना से माना जाता है। घटस्थापना को आश्विन शुक्ल प्रतिपदा के दिन सूर्योदय के पश्चात अथवा अभिजीत मुहूर्त में करना चाहिए। इस मुहूर्त को ज्योतिष शास्त्र में स्वयंसिद्ध मुहूर्त माना गया है।

 

सम्पूर्णप्रतिपद्येव चित्रायुक्तायदा भवेत।

वैधृत्यावापियुक्तास्यात्तदामध्यदिनेरावौ।

अभिजितमुहूर्त्त यत्तत्र स्थापनमिष्यते।

 

अर्थात अभिजीत मुहूर्त में ही कलश स्थापना करना चाहिए। भारतीय ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार नवरात्रि पूजन द्विस्वभाव लग्न में करना श्रेष्ठ होता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मिथुन, कन्या, धनु तथा कुंभ राशि द्विस्वभाव राशि है अत: इसी लग्न में पूजा प्रारंभ करनी चाहिए।

 

इस वर्ष अभिजीत मुहूर्त (1 अक्टूबर 2016 को प्रात: 11.46 से दोपहर 12.34 तक) धनु लग्न में पड़ रहा है अत: धनु लग्न में ही पूजा तथा कलश स्थापना करना श्रेष्ठकर होगा।

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Navaratri, 9 देवियों के 9 दिन की पूजा के 9 बीज मंत्र

BY पं. उमेश दीक्षित|

नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी दुर्गा की पूजाआराधना का विधान है। नवदुर्गा के इन बीज मंत्रों की प्रतिदिन की देवी के दिनों के अनुसार मंत्र जप करने से मनोरथ सिद्धि होती है। आइए जानें नौ देवियों के दैनिक पूजा के बीज मंत्र – 

 

देवी    :     बीज मंत्र

  1. शैलपुत्रीह्रीं शिवायै नम:
  2. ब्रह्मचारिणीह्रीं श्री अम्बिकायै नम:
  3. चन्द्रघण्टाऐं श्रीं शक्तयै नम:
  4. कूष्मांडाऐं ह्री देव्यै नम:
  5. स्कंदमाताह्रीं क्लीं स्वमिन्यै नम:
  6. कात्यायनीक्लीं श्री त्रिनेत्रायै नम:
  7. कालरात्रिक्लीं ऐं श्री कालिकायै नम:
  8. महागौरीश्री क्लीं ह्रीं वरदायै नम:
  9. सिद्धिदात्रीह्रीं क्लीं ऐं सिद्धये नम:

 

Navaratri

Nav Durga Puja Vidhi

Navaratri नवरात्रि विशेष : 427 साल बाद बनेगा अत्यंत शुभ संयोग

By आचार्य डॉ. संजय|

427 साल बाद नवरात्रि में विशेष शुभ संयोगइस वर्ष का नवरात्रि का ग्रह-संयोग बेहद विशेष है। इस वर्ष मां अश्व पर सवार होकर आ रही हैं। इसके अलावा जिस संयोग में इस बार नवरात्र पड़ रहे हैं, वह अब से बीते 427 साल तक पंचांग में नहीं पड़ा। इस कारण इस नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना करने वालों को अभीष्ट फल प्राप्त होगा।

 

 

इस वर्ष नवरात्रि भी 9 की बजाए 10 दिन के पड़ रहे हैं। इसके पहले यह संयोग 1589 में बना था, इसके बाद यह संयोग फिर 450 वर्ष बाद बनेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ये संयोग अद्भुत है…, शुभकारी है…, फलकारी है…, कल्याणकारी है…।

 

जानकारों का मानना है कि पितृपक्ष का घटना और नवरात्रि के दिनों का बढ़ना बेहद शुभ संकेत होता है। ये शुभ, लाभ तथा आरोग्य प्रदान करता है। सुबह-शाम करें दुर्गा सप्तशती का पाठ…। इन 10 दिनों के नवरात्रि के बारे में बताया गया है कि तृतीया 2 दिन पड़ेगी। इस वर्ष नवरात्रि 1 अक्टूबर से शुरू होने वाले हैं, जो 10 अक्टूबर तक चलेंगे।

 

यदि भली प्रकार से मां की आराधना की जाए और पूरे नवरात्रि में सात्विक आचार-विचार का पालन कर रोज मां दुर्गा के सामने दुर्गा सप्तशती का सुबह-शाम पाठ करें तो निश्चित ही उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी।

Navaratri

PM Narendra Modi greets people on occasion of Navratri

October 1, 2016

PM Narendra Modi addressing the audience at Vigyan Bhavan during the inauguration of INDOSAN. (ANI)

Prime Minister Narendra Modi on Saturday extended his greetings to the nation on the auspicious occasion of Navratri. “My greetings to everyone as the auspicious Navratri commences,” Prime Minister Modi tweeted.

The festival of Navratri begins on Saturday. This year Navratri will be celebrated for 10 days. The festival will culminate on October 11 with Dussehra celebrations.

 

Meanwhile, Navratri celebrations began in Gujarat. The state government has organized vibrant Gujarat Navratri Mahotsav, a garba festival at GMDC Ground in Ahmedabad.

Garba and Dandiya groups have also been organized during this Navratri festival. Chief Minnister Vijay Rupani will inaugurate the Vibrant Gujarat Navratri Mahotsav at Ahmedabad Saturday evening.

Navratri is known for its ancient, traditional and modern garba and dandiya in Gujarat hugely participated by young generation.

In Himachal Pradesh, the devotees in large number are reaching at historical temples since morning on the beginning of Ashwin or Sharad Navratras from Saturday.

They are paying obeisance before various forms of Goddess Durga while special Puja and Havan Yagya have also begun in temples.

During the Navratras, thousands of devotees are expected to visit historical temples in the state. Therefore, the district administrations, especially in three districts Kangra, Bilaspur and Una have made elaborate arrangements to facilitate devotees.

Navaratri

Wish you a very very Happy Navratri.

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